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February 24, 2024
राष्ट्रीय

होमगार्ड हटाये जाने पर मायावती ने प्रदेश सरकार पर लगाया बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप

  • October 16, 2019
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होमगार्ड हटाये जाने पर मायावती ने प्रदेश सरकार पर लगाया बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बजट की कमी के कारण 25,000 होमगार्ड को हटाये जाने के फैसले को लेकर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने प्रदेश सरकार पर बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप लगाया है। मायावती ने बुधवार को ट्वीट किया ‘‘उप्र सरकार अपनी गलत आर्थिक नीतियों की सजा 25 हजार होमगार्डों को बर्खास्त करके उनके परिवारों को क्यों दे रही है? इससे प्रदेश में अराजकता और बढ़ेगी। सरकार रोजगार देने के बजाए बेरोजगारी को और क्यों बढ़ा रही है? गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार 25,000 होमगार्डों को हटा रही है। सरकार की दलील है कि वह उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्देशित नये भत्तों का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है।

यूपी सरकार अपनी गलत आर्थिक नीतियों की सजा 25 हजार होमगार्डों को बर्खास्त करके उनके परिवार के लाखों लोगों को क्यों दे रही है? इससे प्रदेश में अराजकता और ज्यादा बढ़ेगी। सरकार रोजगार देने के बजाए बेरोजगारी को और क्यों बढ़ा रही है? सरकार जनहित पर समुचित ध्यान दे तो बेहतर है।

मीडिया में खबरें आने के बाद देर शाम सरकार ने इस मुद्दे पर यूटर्न ले लिया और प्रदेश के होमगार्ड विभाग के मंत्री चेतन चौहान ने बातचीत में कहा ‘‘किसी भी होमगार्ड को हटाया नहीं जाएगा। इस संबंध में मैंने पुलिस विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत की हैं।’’चौहान ने कहा कि पुलिस विभाग अगर 25 हजार होमगार्डों को हटा रहे हैं तो होमगार्ड विभाग उन्हें कहीं न कहीं लगा देगा। हो सकता है कि उनके काम के दिन कम हो जायें। हमने पुलिस विभाग से भी कहा है कि भले ही इनके काम के दिन कम कर दिए जाएं, लेकिन इन्हें रखा जाए, निकाला नहीं जाए। मैने पुलिस विभाग के साथ साथ अपने विभाग से भी कह दिया है कि किसी को भी हटाया न जाए। इससे पहले, मीडिया में खबरें आने के बाद सरकार ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह समस्या का हल तलाशने का प्रयास कर रही है और सुनिश्चित करेगी कि हर घर में दीपावली मनायी जाए।

होमगार्ड का दैनिक भत्ता अब बढ़ा कर 672 रूपये कर दिया गया है जो शीर्ष अदालत के जुलाई के आदेश से पहले पांच सौ रूपये था।सरकार ने कहा कि इससे राजकोष पर हर महीने दस से 12 करोड़ रूपये का अतिरिक्त बोझ पडता। ऐसे में तय किया गया कि होमगार्ड की तैनाती थानों और ट्रैफिक सिग्नलों पर ना की जाये। होमगार्ड स्थायी कर्मचारी नहीं होते। उनकी भर्ती अस्थायी आधार पर की जाती है।अपर महानिदेशक बी पी जोगदंड की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 25,000 होमगार्ड को हटाने का फैसला इस साल 28 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में किया गया था। होमगार्ड की तैनाती तीन अप्रैल के सरकारी आदेश के जरिए की गयी थी। होमगार्ड का कोई सुनिश्चित मासिक वेतन नहीं हता है। उन्हें ड्यूटी के दिनों के आधार पर भुगतान किया जात है। उनके कार्य के दिन 25 से घटा कर 15 कर दिए गए थे।