बेबाक, निष्पक्ष, निर्भीक
March 4, 2024
दिल्ली-एनसीआर

पत्नी बोली- ‘मुझे समय नहीं देता था मेरा पति, इसलिए सुपारी दे डाली’

  • September 12, 2017
  • 1 min read
पत्नी बोली- ‘मुझे समय नहीं देता था मेरा पति, इसलिए सुपारी दे डाली’
नई दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में 29 अगस्त को युवक की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या किसी और ने नहीं बल्कि मृतक की पत्नी ने आगरा के सुपारी किलर्स से करवाई थी। पुलिस ने पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल चाकू, खून से सने कपड़े और एक जोड़ी चप्पल भी बरामद किए हैं। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त ओमवीर सिंह ने बताया कि 29 अगस्त को जनता फ्लैट कोंडली निवासी सुरेंद्र कुमार ने अपने भाई धर्मेंद्र कुमार की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो 31 अगस्त को मयूर विहार फेज-3 के पास नाले से  सड़ी-गली हालत में धर्मेंद्र का शव बरामद हुआ। उसके शरीर पर चाकू के आधा दर्जन से अधिक वार थे।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने हत्या कर शव छुपाने की नीयत से धर्मेंद्र का शव नाले में फेंका था। एसीपी कल्याणपुरी आनंद कुमार मिश्रा व इंस्पेक्टर राजीव विमल की टीम ने छानबीन शुरू की। शुरुआत में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई. लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।  पुलिस ने जब धर्मेंद्र की पत्नी शीला की मोबाइल कॉल डिटल निकलवाई तो कुछ शक हुआ। पुलिस ने शीला को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गई। उसने पति की एक लाख रुपये सुपारी देकर हत्या करवाने की बात कबूल की। शीला ने बताया कि उसका पति नोएडा में एक डेयरी पर काम करता था। वहीं वह ब्यूटी पार्लर चलाती है। उसकी दीपक उर्फ राज नामक युवक से दोस्ती हुई और दोनों के बीच संबंध बन गए।
करीब पांच माह पूर्व धर्मेंद्र को शीला के दीपक से रिश्ते के बारे में पता चला तो उसने इसका विरोध किया। शीला ने पति को रास्ते से हटाने के लिए अपने एक अन्य दोस्त कन्हैया की मदद ली।
कन्हैया ने आगरा से सुपारी किलर ताजगंज आगरा निवासी प्रमोद कुमार (24) व टुंडपुरा, नई आबादी ताजगंज निवासी विवेक कुमार उर्फ अरनव (21)  को दिल्ली बुलाया और एक लाख रुपये में सौदा होने के बाद दोनों ने 29 अगस्त को तड़के धर्मेंद्र की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। शीला को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने विवेक व प्रमोद को भी दबोच लिया। पुलिस इस मामले में कन्हैया की तलाश कर रही है। इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या में दीपक उर्फ राज का तो हाथ नहीं है।
शीला ने पुलिस को बताया कि उसने करीब पांच माह पूर्व ही धमेंद्र की हत्या की साजिश रच ली थी। दो माह पूर्व उसने सुपारी किलर प्रमोद व विवेक को गाजीपुर इलाके में किराए का कमरा दिला दिया। इसके बाद दोनों वारदात को अंजाम देने की साजिश रचते रहे और 29 अगस्त को धर्मेंद्र की हत्या कर दी।  प्रमोद व विवेक ने धर्मेंद्र की हत्या करने के लिए कई बार रैकी किया। तीन बार हत्या का प्रयास करने के बाद वह चौथी बार में कामयाब हो गए। शीला ने दोनों को बताया था कि डेयरी पर काम करने की वजह से धर्मेंद्र सुबह करीब 4.30 बजे घर से निकलता है। दोनों ने उसी समय धर्मेंद्र को घेरने का प्रयास किया। लेकिन वहां लोगों के मौजूद होने के कारण पहले वह वारदात को अंजाम नहीं दे पाए।