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February 24, 2024
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यूक्रेन ने कहा, रूस से लड़ने के लिए हमे अकेला छोड़ दिया गया, युद्ध के पहले दिन 137 की मौत 316 घायल, राजदूत बोले- भारत का रुख़ निराश करने वाला

  • February 25, 2022
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यूक्रेन ने कहा, रूस से लड़ने के लिए हमे अकेला छोड़ दिया गया, युद्ध के पहले दिन 137 की मौत 316 घायल, राजदूत बोले- भारत का रुख़ निराश करने वाला

नई दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति यूक्रेन में रूस के हमले में पहले दिन यूक्रेन में 137 लोगों की मौत हो गई। इसमें 10 से ज्यादा सैन्य अधिकारी शामिल हैं। जबकि, 316 लोग घायल भी हुए हैं। वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उनके देश को रूस से लड़ने के लिए अकेला छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि हर कोई डर रहा है। हमारे साथ लड़ने के लिए कोई नहीं खड़ा है। 

रूस-यूक्रेन की लड़ाई गंभीर हो गई है। रूसी सेना द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले में बहुत से लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति का कहना है कि रूस के हमले में अब तक 137 लोग मारे जा चुके हैं। इसमें 10 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। इस हमले में अब तक 316 लोग घायल भी हुए हैं। इस बीच अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने आशंका जताई है कि, अगले 96 घंटों में कीव पर रूस का कब्जा हो सकता है।

रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग में रूस काफी आक्रामक नजर आ रहा है। बता दें कि यूक्रेन में अबतक 137 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं इस हमले में 316 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इन मौतों में यूक्रेनी सैनिक और नागरिक दोनों शामिल हैं। इस पूरे मामले में भारत में यूक्रेन के राजदूत इगोर पोलिखा ने कहा है कि भारत का रूख निराश करने वाला रहा।

बता दें कि राजदूत ने कहा कि रूसी आक्रमण पर भारत की स्थिति से कीव “काफी असंतुष्ट” है। भारत के समर्थन को लेकर उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि इस मुद्दे पर दुनिया के कितने देश रूसी राष्‍ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात कर रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी की स्थिति मुझे आशावादी बनाती है।”

उन्होंने कहा, “भारतीय विदेश मंत्री का कहना था कि भारत यूक्रेन में हो रही घटनाओं का बारीकी से अनुसरण कर रहा है। लेकिन हम ताजा स्थिति से बेहद असंतुष्ट हैं। इसका क्या मतलब है? लोगों मारे जा रहे हैं, इसकी संख्या बढ़ सकती है। जब सैकड़ों हजारों मारे जाएंगे, तो क्या होगा? हम इंतजार कर रहे हैं। हम भारत की तरफ से मजबूत आवाज उठाने के लिए गुहार लगा रहे हैं।

रूस-यूक्रेन लड़ाई में अमेरिका अब पीछे हटता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने साफ कर दिया है कि वह, यूक्रेन में अपनी सेना नहीं भेजेंगे। हालांकि, बाइडन ने यह भी कहा कि नाटो देशों की इंचभर जमीन की भी रक्षा की जाएगी। बाइडन ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध का असर अमेरिका पर पड़ सकता है। अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।