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चुनावी राज्यों में टीकाकरण में हो तेज़ी, स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात में चुनाव आयोग ने दिया सुझाव

  • December 28, 2021
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चुनावी राज्यों में टीकाकरण में हो तेज़ी, स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात में चुनाव आयोग ने दिया सुझाव

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश समेत जिन पांच राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां टीकाकरण तेज करने की सलाह दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण के साथ चुनावी राज्यों में कोरोना संक्रमण और ओमिक्रोन वैरिएंट से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के दौरान आयोग ने यह सुझाव दिया। आयोग ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को चुनाव के दौरान ड्रग का इस्तेमाल रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने को भी कहा। लगभग एक घंटे तक चुनाव आयोग के साथ चली बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने कोरोना के हालात और टीकाकरण की स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश के कुछ राज्यों में ओमिक्रोन के साथ-साथ कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी देखी जा रही है और सरकार इसे रोकने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

उन्होंने इस संबंध में 21 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर जारी दिशानिर्देशों का हवाला भी दिया, जिसमें राज्यों को नए कंटेनमेंट उपायों और कोरोना से बचाव के उपायों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य सचिव भूषण ने यह भी कहा कि ओमिक्रोन वैरिएंट के कारण कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता है, लेकिन अभी इस संबंध में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है। ओमिक्रोन वैरिएंट के तेजी फैलने के कारण राज्यों को बड़े समारोहों को प्रतिबंधित करने के लिए कहा गया है। चुनाव के दौरान भी इसका पालन करने को कहा गया है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि गोवा और उत्तराखंड में 100 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 85 प्रतिशत वयस्क आबादी को पहली डोज लग चुकी है। पंजाब और मणिपुर में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत के नीचे है।

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और मणिपुर में टीकाकरण की गति तेज कर जल्द से जल्द सभी वयस्क आबादी का टीकाकरण का सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पांच राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव अगले साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल अगले साल मार्च में खत्म हो रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल मई में खत्म होगा। चुनाव आयोग ने एनसीबी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक की। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के चुनाव राज्यों और खासकर पंजाब व गोवा में चुनाव के दौरान ड्रग के वितरण और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया।

वहीं पाकिस्तान, चीन और नेपाल की सीमाओं पर तैनात बीएसएफ, आइटीबीपी और एसएसबी के अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने को कहा ताकि चुनाव के दौरान अवांछित लोगों और वस्तुओं की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त मंगलवार को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। उनकी राज्य प्रशासन के अधिकारियों के साथ चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा होगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चुनाव टालने का किया था अनुरोध कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल में प्रधानमंत्री और चुनाव आयोग से उत्तर प्रदेश में चुनाव टालने पर विचार करने का अनुरोध किया था। जस्टिस शेखर यादव ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर एक या दो महीने के लिए चुनाव टालने का आग्रह किया था।