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हरमंदिर साहिब में फिर बेअदबी, भड़क उठा प्रदेश, नाकाफी रहे सुरक्षा इंतजाम, एजेंसियों पर सवाल

  • December 19, 2021
  • 1 min read
हरमंदिर साहिब में फिर बेअदबी, भड़क उठा प्रदेश, नाकाफी रहे सुरक्षा इंतजाम, एजेंसियों पर सवाल

अमृतसर। पंजाब में बेअदबी के मामले पहले भी आते रहे हैं, यह दूसरी बार है कि जब किसी ने पांच तख्तों में से एक में जाकर ऐसा काम किया हो। श्री हरमंदिर साहिब में बेअदबी की घटना ने सिखों के साथ-साथ पंजाब के सभी वर्गों को सकते में ला दिया है। श्री हरमंदिर साहिब में बेअदबी करने वाले व्यक्ति को गुस्साई संगत ने पीट पीटकर मार डाला। इसी समय एसजीपीसी के एक वरिष्ठ सदस्य का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कहा गया है कि दोषी को पकड़े जाने के बाद जब पूछा गया कि वह कहां से आया है तो उसने यही कहा कि उसे नहीं मालूम कि वह कहां से आया है।

उस व्यक्ति को अपना नाम भी मालूम नहीं था। एसजीपीसी ने पुलिस और प्रशासन से आरोपी की पहचान करने और साजिश का पर्दाफाश करने की मांग की है। जाहिर है कि मारे गए आरोपी की कुछ दिन में शिनाख्त संभव है, लेकिन इस कुकृत्य के लिए उसे किसने भेजा, यह ढूंढ पाना अब खुफिया एजेंसियों के लिए मुश्किल हो गया है। एजेंसियों को यह भी पता लगाना होगा कि यह साजिश भारत के भीतर रची गई या सीमा पार पाकिस्तान में। विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे सूबे में इस घटना को जहां अमन-चैन भंग करने और सांप्रदायिक सौहार्द को नष्ट करने की गहरी साजिश के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं सियासी जमीन पर बेअदबी को विधानसभा चुनाव के अहम मुद्दे के रूप में हवा देने की शर्मनाक कोशिश के तौर पर भी आंका जा रहा है।

घटना के तुरंत बाद आई पंजाब भाजपा की प्रतिक्रिया में प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा ने कांग्रेस सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं पंजाब में बीते कई वर्षों से हो रही हैं और राज्य सरकार बेअदबी के दोषियों को सलाखों के पीछे डालने में विफल रही है। उधर, शिअद की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने बयान जारी कर घटना को बहुत ही दुखदायी करार देते हुए कहा कि इसके पीछे गहरी साजिश से इंकार नहीं किया जा सकता, इसलिए सरकार घटना की जांच करवाकर दोषियों को सजा दिलाए। सुखबीर बादल ने भी इसे पंजाब सरकार की नाकामी करार दिया है। पंजाब के विधानसभा चुनाव में फिलहाल किसान आंदोलन ही सबसे बड़ा मुद्दा बना रहा है, लेकिन बेअदबी की हतप्रभ करने वाली ताजा घटना किसान आंदोलन सहित बाकी मुद्दों को पीछे छोड़ सकती है। सियासी गलियारों में तो इस दुखद घटना को चुनावी नफे-नुकसान के तौर पर भी तोला जाने लगा है कि इससे विधानसभा चुनाव में किस दल को फायदा हो सकता है और किसे नुकसान।

सिखों के सबसे पावन व सर्वोच्च पांच तख्तों में से दूसरे तख्त पर शनिवार को फिर से बेअदबी हो गई। तीन माह में यह तीसरी बड़ी बेअदबी है, जिसने देश-विदेश में बसी सिख संगत को झकझोर कर रख दिया है। हर बार एक ही बात उठती है साजिश है, साजिश है जांच होगी, लेकिन नतीजा शून्य ही मिला है। पंजाब में बेअदबी के मामले पहले भी आते रहे हैं, यह दूसरी बार है कि जब किसी ने पांच तख्तों में से एक में जाकर ऐसा काम किया हो। श्री अकाल तख्त (अमृतसर), दमदमा साहिब, पटना साहिब और हुजूर साहिब (नांदेड़) व केशगढ़ साहब सिख पंथ में पंज तख्त के नाम से प्रसिद्ध हैं।

बतादें कि 13 सितंबर को सुबह करीब साढ़े चार बजे एक शख्स दरबार साहिब में आया था। उस समय केसगढ़ साहिब में पावन स्वरूपों का प्रकाश किया जाना था। तभी वह बीड़ी पीने लगा। धुआं होने पर उसने बीड़ी उस जगह पर फेंक दी, जहां ग्रंथी बैठते हैं। सेवादारों ने उसे टोका तो उसने उनके ऊपर धुआं भी छोड़ा। इसके बाद उसे नीचे ले जाया गया। कुछ लोगों ने उसकी पिटाई भी कर दी। सिखों में बीड़ी, सिगरेट पीने और तंबाकू खाने की इजाजत नहीं है। साल 2001 में गुरमीत पिंकी पर लुधियाना में अवतार सिंह उर्फ गोला की हत्या का आरोप लगा। जिस मामले में अक्तूबर 2006 में उसे उम्रकैद हुई और पुलिस से निकाल दिया गया। करीब आठ साल सजा काटने के बाद अच्छे व्यवहार की बात कह सरकार ने उसे रिहा कर दिया। वर्ष 2014 में रिहा होने के बाद मई 2015 में गुरमीत को फिर से पंजाब पुलिस में नियुक्त करने के निर्देश दिए गए।